मुक्केबाज़ी
पेरिस के छह बाउट-शीट, एक खाली तमगा-खाना, और वह एक राउंड जिसका हिसाब किसी ने नहीं माँगा6 अगस्त 2026 की रात कोलकाता के डेस्क पर तीन कागज़ रखे थे। पहला — पेरिस का ड्र...
कैंप रजिस्टर, कटते किलो और रिलीज़ लेटर: पेरिस के बाद भारतीय मुक्केबाज़ी का असली लेजरपटियाला के एनआईएस हॉस्टल की ग्राउंड फ्लोर पर एक रजिस्टर मेज़ से बंधा रहता है।...
48 किलो का खाली दायरा: जहाँ विश्व खिताब था, वहाँ ओलंपिक की सड़क नहींमार्च 2026, नई दिल्ली का केडी जाधव हॉल। 48 किलो फ़ाइनल का तीसरा राउंड चल रहा ...
पेरिस का शून्य कोटा गणित था, प्रतिभा का अकाल नहीं: LA28 के वेट-क्लास नक्शे पर भारतीय मुक्केबाज़ी का ऑडिटपेरिस में भारत के छह मुक्केबाज़ उतरे और तमगों की गिनती शून्य पर आकर रुकी। उस...
छह मुक्केबाज़, शून्य पदक: पेरिस के बाद भारतीय मुक्केबाज़ी की रसीदेंचार अगस्त 2026, नॉर्थ पेरिस एरिना। निशांत देव का 71 किलो क्वार्टरफाइनल खत्म ह...
नौ कोटा, छह मुक्केबाज़, शून्य तमगा: भारतीय मुक्केबाज़ी का ट्रांसफर वेट-क्लास में हुआ, रिंग में नहींपेरिस, अगस्त 2026। नॉर्थ पेरिस एरिना के रिंग नंबर एक के बाहर मैं खड़ा था और...
कैंप लिस्ट का तीसरा कॉलम: भारतीय मुक्केबाज़ी में चयन का फ़ैसला रिंग में नहीं, पे-रोल में होता हैपटियाला के राष्ट्रीय कैंप की जो लिस्ट हर सीज़न सर्कुलेट होती है, उसे अगर आप...
एक किलोग्राम का फ़ैसला: भारतीय मुक्केबाज़ी में वज़न-वर्गों का नया बँटवारा और बीच में फँसे मुक्केबाज़गलियारे में ब्लीच की गंध थी, और कोई बात नहीं कर रहा था। पटियाला के राष्ट्रीय...
तराज़ू के तीन सौ ग्राम और साल के बारह महीने: भारतीय मुक्केबाज़ी का वह कैलेंडर जिसे कोई स्कोर नहीं करतापटियाला के एनआईएस परिसर में उस गुरुवार की सुबह तराज़ू ने जो अंक दिखाए, वे किस...
लिवरपूल की पहली विश्व चैंपियनशिप: मुक्केबाज़ी का शासन बदला, भारत का कैलेंडर नहींसितंबर 2026 की एक शाम, लिवरपूल के M&S बैंक एरिना के नीचे वाले गलियारे में एक...
पेरिस के बाद मुक्केबाज़ी का खाली कैलेंडर: छह बाउट शीट, शून्य पदक और एक किलोग्राम की कीमतपेरिस ओलंपिक की 75 किग्रा क्वार्टरफ़ाइनल बाउट शीट पर पाँच जजों में चार ने ली...
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